दिवाली का त्योहार: खुशियों, रोशनी और उमंग का पावन पर्व
दिवाली भारत त्योहारों का देश है और यहाँ हर त्योहार का अपना एक विशेष महत्व है। इन्हीं त्योहारों में सबसे लोकप्रिय और आनंदमय त्योहार है दिवाली (दीपावली)। दिवाली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है। यह पर्व पूरे भारत में बड़े उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। दिवाली का त्योहार हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, बुराई से अच्छाई की ओर और निराशा से आशा की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। दिवाली क्यों मनाई जाती है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने 14 वर्षों का वनवास पूरा करने के बाद जब रावण का वध किया और माता सीता तथा लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या…
भाई दूज जानिए इस पावन त्योहार का महत्व, पूजा विधि और पौराणिक कथा
भाई दूज भारत त्योहारों और परंपराओं का देश है। यहाँ हर त्योहार का अपना विशेष महत्व और सांस्कृतिक पहचान है। इन्हीं त्योहारों में से एक है भाई दूज, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों को उपहार देकर जीवनभर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। भाई दूज 2026 कब है? भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है।…
Rajiv Gandhi Zoological Park Pune Timing Ticket and Kab Jaye
Rajiv Gandhi Zoological Park Rajiv Gandhi Zoological Park – राजीव गांधी जूलॉजिकल पार्क पुणे भारत के लोकप्रिय चिड़ियाघर में से एक है इसे कात्रज स्नेक पार्क के नाम से भी जाना जाता है यह जूलॉजिकल पार्क पुणे नगर निगम द्वारा बनाया गया था राजीव गांधी प्राणी उद्यान का आनंद लेने के लिए पशु और प्रकृति प्रेमी भारी संख्या में इसे देखने के लिए आते हैं राजीव गांधी जूलॉजिकल पार्क 130 एकड़ में फैला हुआ है इस पार्क को तीन भागों में बांटा गया है एक में पशु अनाथालय स्नेक पार्क और एक चिड़ियाघर हैं यहां पर जानवरों को रहने के लिए पर्याप्त और खुला वातावरण मिलता है राजीव गांधी जूलॉजिकल…
भंडारा हिल पुणे बुद्धिस्ट केव्स संत तुकाराम महाराज मंदिर
भंडारा हिल भंडारा हिल को भंडारा डोंगर के नाम से भी जाना जाता है। यह पुणे जिले में में तलेगांव दाभाडे, इंदुरी गांव के पास, में स्थित है। भंडारा हिल पहाड़ी की चोटी पर धार्मिक स्थान है और बारिश के मौसम में सुंदर दृश्य और परिदृश्य के साथ घूमने के लिए अद्भुत जगह है। बौद्ध गुफाएं भी एक आकर्षण हैं जहां ऊपर से पहुंचा जा सकता है। यह स्थान तालेगांव के पास अच्छा दर्शनीय जगहों में से एक है मैंने जून के मध्य मानसून में भंडारा हिल का दौरा किया। मैंने पुणे से भंडारा डोंगर तक की अपनी यात्रा शुरू की थी। यात्रा में मुझे 1.30 घंटे लगभग लगे। उसके…
इंदुरी फोर्ट तळेगाव पुणे का इतिहास रिव्यु और फोटो इंदुरीचा किल्ला Induri Fort Talegaon Pune
इंदुरी फोर्ट तळेगाव इंदुरी फोर्ट तळेगाव, इस फोर्ट को इन्दोरी फोर्ट और सरसेनापति का किला भी कहा जाता है इंदुरी फोर्ट पुणे से ३६ km की दूरी पर और तालेगांव – चाकन रोड पर तालेगांव से 3 किमी दूर इंदुरी गांव में है इतिहास इंदुरी किले का निर्माण खांडेराव दाभाडे ने 1720 में किया था खांडेराव दाभाडे शिवाजी महाराज के अंगरक्षक येसाजी दाभाडे के सबसे बड़े पुत्र थे। १७०५ से १७१७ तक, खांडेराव दाभाडे ने मराठा साम्राज्य का विस्तार बड़ौद तक कर दिया था । ११ जनवरी १७१७ को, शाहू महाराज ने खांडेराव दाभाडे को मराठा साम्राज्य का कमांडर-इन-चीफ बना दिया था तालेगांव, जो जनरल खांडेराव दाभाडे को विरासत में…
Kund Mala Talegaon कुंड माला एक रोमांटिक स्पॉट और वॉटरफॉल इन मानसून पुणे के पास Kund Mala Temple
कुंड माला तलेगांव- Kund Mala Talegaon Kund Mala Talegaon – कुंड माला पुणे से ३० किलोमीटर दूर है, मैं पुणे के आसपास कुछ अनछुए स्थानों की खोज कर रहा था अचानक मुझे इस जगह का पता चला, और अगले ही दिन मैं सुबह सुबह वहां पर जाने के लिए तैयार हो गया। मैं सुबह 7.30 बजे वहां पहुंचा और मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि वहां पहले से ही काफी लोग मौजूद थे। वे जोड़े, परिवारों और एक समूह में भी आए थे । यह साइकिल चालकों के लिए बहुत लोकप्रिय स्थान है। साइकिल सवारों का समूह यहाँ पर देखा जा सकता है। यह जगह नदी के परिदृश्य में खूबसूरती से…
Ghoradeshwar hill और घोड़ादेश्वर शिव मंदिर पुणे के पास सबसे अच्छी जगह घोड़ादेश्वर पहाड़ी के सबसे ऊँचे पॉइंट की यात्रा Ghoradeshwar temple
Ghoradeshwar hill घोड़ादेश्वर शिव मंदिर Ghoradeshwar hill – मैं सुबह 6:00 बजे तैयार हो चुका था क्योंकि मुझे आज एक बहुत ही खूबसूरत ट्रैक पर जाना था इस ट्रैक का नाम था घोड़ेश्वर वास्तव में ट्रेकिंग के लिए काफी प्रशिद है घोड़ेश्वर ओल्ड मुंबई पुणे हाईवे पर पुणे से 25 किलोमीटर दूर है जब मैं घोड़ेश्वर ( Ghoradeshwar hill) पर पहुंचा तो वहां पर काफी सारे ट्रैकर आए हुए थे आज का मेला लक्ष्य था कि मुझे घोड़ेश्वर की सबसे ऊँची चोटी पर जाना था घोड़ादेश्वर शिव मंदिर घोड़ेश्वर हिल (Ghoradeshwar hill) पर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर और बौद्ध गुफाओं के लिए प्रशिद है यहाँ पर भगवन शिव के…
can I go to Pune now? During second wave of covid 19 क्या मैं पुणे के लिए यात्रा कर सकता हूँ
can I go to Pune now अहमदाबाद से पुणे जाना मेरे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण था क्योंकि मैं पुणे में शिफ्ट होना चाहता था अहमदाबाद में मै किराये के घर में रहता था लेकिन पुणे में मेरा खुद का घर था और मैं जल्दी से जल्दी पुणे शिफ्ट होना चाहता था अहमदाबाद में किराये के घर पर रहना मेरे लिए घाटे के काम था इस समय पूरे देश में कोविड-19 की सेकंड लहर बहुत तेजी से चल रही थी पुणे मुंबई दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा काविद १९ मरीज अहमदाबाद में थे और Lockdown की पूरी पूरी संभावना थी मैं सोच रहा था कि यदि मैं Lockdown में फस गया…
Ahmad shah tomb बादशाह नो हजीरों इन अहमदाबाद अहमद शाह का मकबरा
अहमद शाह का मकबरा – Ahmad shah tomb Ahmad shah tomb – अहमद शाह का मकबरा, जिसे स्थानीय रूप से बादशाह नो हाजीरो या राजा का मकबरा कहा जाता है, अहमद शाह का मकबरा जामा मस्जिद की पीछे मानेक चौक के करीब स्थित है अहमद शाह के मकबरा का इतिहास – History of Ahmad Shah tomb इस मस्जिद में अहमदाबाद के संस्थापक अहमद शाह १ की समाधि है। यह उनके बेटे मुहम्मद शाह द्वितीय द्वारा बंबई गयी थी जो उनके बाईं ओर दफन है। उनके पोते कुतुब-उद-दीन अहमद शाह को उनके अधिकार में दफनाया गया है। अहमद शाह के भाई का मकबरा मुख्य कक्ष के बाहर है। अहमद शाह के…
Rani no Hajiro Ahmedabad रानी नो हजीरो गुजरात सल्तनत मुज्जफ़रीद राजवंश की रानियों की कब्रे यहाँ पर है
रानी नो हजीरो Rani no Hajiro Ahmedabad Rani no Hajiro Ahmedabad – मानेक चौक में एक तरफ बादशाह नो हजीरा ( Badshah No Hazira) है और इसके दूसरी तरफ रानी नो हजीरो है , जिसे मुगलई बीबी का मकबरा या अहमद शाह की रानी के मकबरे के रूप में भी जाना जाता है रानी नो हजीरो का इतिहास रानी नो हजीरो एक बड़े तल पर बनाया गया है इसमें जाने के लिए इसके चारो तरफ एक छोटा गलियार है जब इसमें प्रवेश करते है तो ये एक वर्गाकार खुला हुआ प्रागण है इसकी चौड़ाई लगभग ३६ मीटर है जिसके चारो तरफ एक बड़ा गलियरे है गलियारे की दीवारों पर नक्काशीदार…